खोबसन के तोड़ चाहीं : बतंगड़ – 34
– ओ. पी. सिंह रोज ब रोज खोबसन सुने के आदत पड़ गइला का बादो आजु भोजपुरी कवि अशोक द्विवेदी के...
Read More– ओ. पी. सिंह रोज ब रोज खोबसन सुने के आदत पड़ गइला का बादो आजु भोजपुरी कवि अशोक द्विवेदी के...
Read More– ओ. पी. सिंह अबहीं चुनाव में हार के दरद कमो ना भइल रहे कि मोदी के राजनीति के तिरशूल आ के...
Read More– ओ. पी. सिंह जइसे – नाचे ना जाने अङनवे टेढ़ – वाला सहारा ले लीहल जाला जब चाल...
Read More– ओ. पी. सिंह अगर कवनो समाज के खतम करे के होखे त ओकरा नाभि प चोट करे के चाहीं. आ समाज के...
Read More– ओ. पी. सिंह महामहिम राष्ट्रपति जी, राउर बतिया हमरा से बरदाश्त नइखे होखत. अब रउए बता दीं कि...
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