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गद्दारी का बहाने बतंगड़ चिन्तन (बतंगड़ – 6)

– ओ. पी. सिंह एह घरी गद्दारी चरचा में बा आ कुछ लोग एकरा के आपन मौलिक अधिकार बतावे लागल बा. अइसनका लोग पाकिस्तान का हित में बतियावल आपन शान समुझत बा. सरसरी निगाह से देखनी त बुझाइल कि एह पर कुछ लिखल भा बोलल बहुते आसान रही...

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