तोहरा से राजी ना ए बलमुआ, तोहरा से राजी ना – बतंगड़ 78
– ओ. पी. सिंह फगुआ बीत गइल बा आ अब चइत चलत बा. परम्परा का हिसाब से चइत में फगुआ ना गआव बाकिर...
Read More– ओ. पी. सिंह फगुआ बीत गइल बा आ अब चइत चलत बा. परम्परा का हिसाब से चइत में फगुआ ना गआव बाकिर...
Read More– ओ. पी. सिंह लईकाईं में सुनल एगो कविता दोहरावल आजु प्रासंगिक लागऽता – नानी कीहाँ...
Read More– ओ. पी. सिंह चार दिन बाद फगुआ मनावल जाई. कुछ बदलल संस्कार, कुछ सेकूलरी, कुछ पर्याबरनियन के...
Read More– ओ. पी. सिंह खबरदार, जे एह देश में भारत माता के जयकारा लगवल त ठीक ना होखी. मार देब गोली आ...
Read More– ओ. पी. सिंह भारत के देशद्रोहियन के गढ़ बन चुकल जेएनयू से शुरु भइल नारा – भारत तेरे...
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