नानी का अँचरा में लुका गइल बबुआ – बतंगड़ 76
– ओ. पी. सिंह लईकाईं में सुनल एगो कविता दोहरावल आजु प्रासंगिक लागऽता – नानी कीहाँ...
Read More– ओ. पी. सिंह लईकाईं में सुनल एगो कविता दोहरावल आजु प्रासंगिक लागऽता – नानी कीहाँ...
Read More– ओ. पी. सिंह चार दिन बाद फगुआ मनावल जाई. कुछ बदलल संस्कार, कुछ सेकूलरी, कुछ पर्याबरनियन के...
Read More– ओ. पी. सिंह खबरदार, जे एह देश में भारत माता के जयकारा लगवल त ठीक ना होखी. मार देब गोली आ...
Read More– ओ. पी. सिंह भारत के देशद्रोहियन के गढ़ बन चुकल जेएनयू से शुरु भइल नारा – भारत तेरे...
Read More– ओ. पी. सिंह पिछला हफ्ता ऊ बाति हो गइल जवन कबो होखे के सोचलो बड़ बाति लागत रहुवे. तीन तिलाक...
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