रउरा अपना ब्रोकर के बेगारी त नइखीे खटत ?
हो सकेला पहिला नजर में रउरा ई सवाल अजबे लागे। लोग ब्रोकर के सेवा लेबेला अपना शेयर कारोबार ला, ओकर बेगारी केहू काहे खटी ?
राउरो सवाल बिल्कुल जायज बा। हर वणिक इहे सोचेला कि ऊ अपना ला वणिकई (ट्रेडिंग) करत बा। रोज के मुनाफा घाटा त बुझाला बाकिर का ऊ मुनाफा रउरा खाता में जातो बा?
असल में शेयर खरीद बिक्री में सगरी खरचा साफ साफ ना देखावेलें ब्रोकर। हालांकि दावा सभे करेला कि सगरी खरचा पारदर्शी रूप से देखावल जाला बाकिर ई झूठ बेसी सचाई कम होला।

जब रउरा कवनो ब्रोकर किहाँ आपन डीमैट खाता खोलीले त ओकरा साथ ही एगो अउर सेवा प्रदाता कंपनी जुड़ जाले – डिपाजिटरी सेवा देबे वाला। पुरनका जमाना में जब शेयर के सर्टिफिकेट गाहक का लगे रहत रहुवे त कई तरह के परेशानी होखत रहे। कई बार ई सर्टिफिकेट डाक से भेजे का दौरान गायब हो जात रही सँ भा गलत हाथ में पड़ जात रहीं सँ। एह चलते सरकार आ सेबी मिल के एगो अइसन व्यवस्था बनवलें जवना में शेयर सर्टिफिकेट अब केहू का हाथ में ना आ के एगो डिपाजिटरी सेवा देबे वाला कंपनी का लगे रहेला। कंप्यूटर वाला युग में ई बहुते सुविधा वाला काम हो गइल। साथही रउरा शेयर के सुरक्षो बढ़ गइल। बिना रउरा इजाजत राउर शेयर ब्रोकर इस्तेमाल ना कर सकसु। पहिले कुछ अइसन घटना सामने आ चुकल बा जब राउर शेयर बिना रउरा जानकारी के ब्रोकर गिरवी राख देत रहुवे आ ओहपर कर्जा ले के आपन धंधा करे लागत रहुवे। अब के व्यवस्था में अइसन संभव नइखे।
जब रउरा शेयर खरीद बिक्री करीलें तब ओह पर ब्रोकर आपन चार्ज लगावे ला। एह चार्ज पर जीएसटी अलग से लागेला। एकरा अलावे कई तरह के चार्ज रउरा से लीहल जाला। अब हम एक एक चार्ज का बारे में रउरा के बतावल चाहत बानी। अधिकतर लोग के त ई सब बात पता होखबे करी बाकिर बहुते लोग अइसनो होखी जिनका एकर जानकारी विस्तार से ना होखी।
सबसे पहिला आ साफ लउके वाला चार्ज होला ब्रोकरेज के। अमूमन हर ब्रोकर आपन व्यवसाय चलावे ला अपना गाहकन से हर सौदा पर चार्ज लेबेला। डे ट्रेडिंग ला ई चार्ज अलग होला आ आजु खरीद के रख लिहला का कुछ दिन भा साल बाद बेचे पर अलग चार्ज होखेला। जे लोग यदा कदा खरीद बिक्री करेला उनुका से अधिका चार्ज लीहल जाला। आ जे बार-बार सौदा करेला ओकरा से कम लीहल जाला। अगर गाहक चाहे कि ओकरा से कम चार्ज लीहल जाव त औकरा कवनो ब्रोकरेज प्लान खरीदे के पड़ेला। उदाहरण खातिर –
मान लीं कि एगो ब्रोकर बा जे हर सौदा पर 20 रूपिया के ब्रोकरेज चार्ज लेबेला। ई चार्ज रउरा एगो शेयर खरीदीं भा एक करोड़ चार्ज बीसे रुपिया लीहल जाई। ई तब होखी जब रउरा आजुवे खरीद के आजुवे बेच देत बानी भा आजुवे बेच के आजुवे खरीद लेत बानी। बाकिर अगर रउऱा एह सौदा के अगिला दिन भा बाद में कबो बेचल चाहब त अमूमन ब्रोकर एह पर प्रतिशत का आधार पर ब्रोकरेज लगावेलें। अधिका के सौदा पर अधिका आ कम के सौदा पर कम।
हर ब्रोकरेज पर जीएसटी ऊपर से लागेला कोढ़ मे खाज का तरह।
बहुते लोग मार्जिन पर ट्रेडिंग करेला। करीब करीब हर वणिक मार्जिन ट्रेडिंग करेला। आ ई मार्जिन देबे खातिर ब्रोकर रउरा से ब्याज वसूलेला जवन रोजाना का हिसाब से लागेला। अगर तीन दिन के छुट्टी बा त छुट्टी वाला दिनो पर ब्याज जोड़ा जाई। एह ब्याजो पर जीएसटी लागेला।
आ जब मार्जिन ट्रेडिंग करीलें तब हर स्टॉक पर (शेयर के गिनती का आधार पर ना। शेयर आ स्टॉक का बारे में बाद में कबो। अबहीं हम बस रउरा के चेतावे आइल बानीं कि अपना ब्रोकर के बेगारी त नइखीं खटत रउरा!) डिपाजिटरी चार्ज लागेला। खरीदलो पर आ बेचलो पर। आ हर बेर जीएसटी ऊपर से। ई ब्याज आ मार्जिन वाला खरचा शायदे साफ देखावल जाला। एकर जानकारी रउरा अपना लेजर से मिली, खरीद बिक्री वाला स्टेटमेंंट से ना।
ब्रोकरेज का अलावा कुछ चार्ज सरकार वसूले ले, कुछ सेबी, आ कुछ एक्सचेंज।
सरकार रउरा शेयर खरीद बिक्री पर सिक्यूरिटीज ट्रांजेक्शन चार्ज लेबेले। इक्विटी डिलीवरी सौदा खातिर 0.1 प्रतिशत खरीदलो पर आ बेचलो पर। डे-ट्रेडिंग पर ई चार्ज खाली बेचत घरी लागेला 0.025 प्रतिशत का दर से। फ्यूचर सौदा पर 0.02 प्रतिशत आ आप्शन पर 0.1 प्रतिशत का दर से।
एकरा अलावे शेयर के हर खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी लागेला। बेचत घरी ई ड्यूटी ना लागे। आ स्टाम्प ड्यूटी एह पर निर्भर करेला कि रउा कवना राज्य के आपन निवास बतवले बानी। स्टाम्प ड्यूटी इक्विटी डिलीवरी पर 0.015%, इट्राडे पर 0.003%, फ्यूचर सौदा पर 0.002% आ आप्शन खातिर 0.003% । देखन में छोटन लगे घाव करें गंभीर वाला अंदाज में दशमलव के दूसरका भा तिसरका जगहा वाला ड्यूटी जोड़े बइठीं त कपार नाचे लागी।
एक्सचेंज आपन सेवा देबे ला अलगा से चार्ज जोड़ेलें। ई चार्ज एक्सचेंज का हिसाब से अलग अलग होला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर खरीद आ बिक्री दुनू तरफ ई 0.003% का हिसाब से लागेला।
आ जब ब्रोकर, सरकार, एक्सचेंज सभे आपन कमाई करत बा त सेबी काहे पीछे रह जाई। सेबी खरीद आ बेच दुनू तरफ के सौदा पर हर एक करोड़ के सौदा ला 10 रूपिया के दर से टर्नओवर चार्ज वसूलेले। इंवेस्टर प्रोटेक्शन फंड खातिर रउरा से कुल मूल्य पर हर एक करोड़ ला एक पैसा का दर से चार्ज लीहल जाला।
आ जीएसटी के हाथ हर कड़ाही मे मौजूद रहेला। मतलब हर चार्ज पर 18 फीसदी का दर से।
आ एह सब का ऊपर से राउर ब्रोकर रउरा से सालाना मेंटेनेंस (AMC) लेत होखी। कुछ ब्रोकर ई चार्ज ना लेलें।
कुछ अउरी तरह के चार्ज लागेला जवना कुछेके लोग ला होला जे कागजी सबूत मांगे, फोन कर के खरीदे भा बेचे के आर्डर देव, भा मार्जिन ट्रेडिंग पर डेट्रेडिंग ला सौदा कर के साँझ बेरा ओह सौदा के काटल भुला जाव त ब्रोकर ओह सौदा के अपना मनमाना तरीकाा से काटियो दी आ ऊपर से एकरा ला कुछ चार्जो लगा दी। जइसे कि बुलडोजर न्याय में मकान टूटला का ऊपर से बुलडोजर के खरचो वसूलाला।
आजु का लेख में हम ना त ट्रेडिंग के तौर तरीका पर कुछ बतवले बानी ना कुछ अउर व्याख्या करे पर। हम त बस रउरा धेयान में ऊ सगरी खरचा ले आवल चाहत रहनी। हर वणिका के आपन लेजर डाउनलोड करे के चाहीं आ ओहमें लुकावल तरह तरह के खरचा के हिसाबो करत रहे के चाहीं।
ना त खाया-पीया कुछ नहीँ गिलास फोड़ा बारह आना !


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