ई का होता?
ई का होता? गैरत आ सम्मान बिकाता, ई का होता? खुलेआम ईमान बिकाता, ई का होता? कौड़ी-कौड़ी जान बिकाता,...
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Read Moreहमार बिहार – रामसागर सिंह #भोजपुरी-कविता #रामसागर सिंह (बिहार दिवस पर) हमार बिहार ...
Read Moreपुरखन के थाती इ असहीं बिलाता! – रामसागर सिंह #भोजपुरी-कविता #रामसागर सिंह दिखावा के हाहर में...
Read More– रामसागर सिंह #भोजपुरी कविता #रामसागर सिंह सूतल सरकार बा! गंगा में पानी बढ़ियाइल मचल...
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