टैग: रामरक्षा मिश्र

भोजपुरी के विकासमान वर्तमान

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल अपना प्रिय अंदाज, मिसिरी के मिठास आ पुरुषार्थ के दमगर आवाज का कारन भोजपुरी शुरुए से आकर्षण के केंद्र में रहल बिया. भाषा निर्भर करेले विशेष रूप से भौगोलिक कारन आ बोलेवाला लोगन के आदत, रुचि आ...

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फागुन के तीन गो गीत

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल एक लागेला रस में बोथाइल परनवा ढरकावे घइली पिरितिया के फाग रे ! धरती लुटावेली अँजुरी से सोनवा बरिसावे अमिरित गगनवा से चनवा इठलाले पाके जवानी अँजोरिया गावेला पात पात प्रीत के बिहाग रे. पियरी पहिरि...

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रामरक्षा मिश्र के वीडियो अलबम ” बनेली नादान”

एहमें कवनो संदेह नइखे कि महुआ चैनल आदि का अइला आ भोजपुरी के कई गो बेबसाइट खुल गइला से भोजपुरी के क्रेज में एगो बड़हन इजाफा भइल बा. पुरान-पुरान आ स्तरीय गीतन के खोजे आ प्रस्तुत करे के चाहो जागल बा गायकन में. बाकिर ई शौक के रूप में...

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रामरक्षा मिश्र के वीडियो अलबम " बनेली नादान"

एहमें कवनो संदेह नइखे कि महुआ चैनल आदि का अइला आ भोजपुरी के कई गो बेबसाइट खुल गइला से भोजपुरी के क्रेज में एगो बड़हन इजाफा भइल बा. पुरान-पुरान आ स्तरीय गीतन के खोजे आ प्रस्तुत करे के चाहो जागल बा गायकन में. बाकिर ई शौक के रूप में...

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