महीना: जनवरी 2013

किरण यादव देखवली महतारी के मोल

सिनेमा भोजपुरी के चर्चित अदाकारा किरण यादव अपना हालिया रिलीज फिलिम ‘लहू के दो रंग’ में एगो दुल्हिन से शुरू कर के महतारी आ फेर दादी तक के किरदार कर के देखा दिहली कि महतारी के मोल का होला. एह ऐतिहासिक रोल खातिर किरण यादव जी जान...

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जागल देस / जगावल देस

(रामझरोखा से) – डा॰अशोक द्विवेदी अइसे त देस जगले रहेला बकि जगलो में सूलत लेखा लागेला. एक से एक बड़, भयानक आ अमानवी दुर्घटना-घटना घटत रहेला आ ओकरा दिल-दिमाग प चिचिरी ना खींचि पावेला. अइसना में देस के सूतल, निनियाइल आ...

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बतकुच्चन ‍ – ९४

मेरे मन कछु और है, बिधना के कछु और. सोचले त रहीं कि अबकी के बतकुच्चन में एकरा सेंचुरी के चरचा करब बाकि बाबा लस्टमानंद जी दोसर ओर खींच ले गइलन. अब मन से भा बेमन से उनकरे बात करे के पड़ी. पिछला अतवार के बाबा अपना गजइला के चरचा करत...

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महिला जमात के करोध से डेराइल नेता लोग

– जयंती पांडेय दिल्ली में बलात्कार के घटना के लेके चारू ओर बड़ा हल्ला बा, लोग बाग में बड़ा गुस्सा बा. सरकार एकरा के लेके बड़ा हरान परसान बा. ई त तय बा कि बलात्कार से जुड़ल नियम के सरकार जरूर कड़ा करी लेकिन जान जा राम चेला...

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पाकिस्तान पर हमला कइल जरूरी नइखे‏

– पाण्डेय हरिराम एने कई महीना से कवनो मसला के सरकारदल का खिलाफ गढ़ देबे में विपक्षी गोलन के महारत हासिल हो गइल लउकत बा. हर मामिला के देश आ समाज से जोड़ के अइसन माहौल बना दिहल जात बा लोग का सोझा कि खून लागऽता खऊले. अपना...

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