के लगवलसि रुपिया
- टीम अंजोरिया

के लगवलसि रुपिया

आजु ह्वाट्सअप पर एगो पोस्ट मिलल त पढ़ते दिमाग चकराए लागल। बाप रे बाप। ई का होता? जवन मिलल तवना के भोजपुरी अनुवाद दे रहल बानी। हो सकेला कि कतहीं कुछ एनेओने हो गइल होखे।

लिखल रहल कि –

विजय जोसफ एगो तारनहार का तरह सोझा अइलन। बाकिर राजनीति के तीरन्दाज शायदे स्वंयभू होखेलें। पोस्टर गरीबन के नायक बेचलसि। बाकिर एकरा पीछे जवन रुपिया बहल ऊ एगो अलगे कहानी कहत बा।

कुछ लोग चुनल जालें, कुछ लोग के ‘स्थापित’ कइल जाला।

26 महीना पुरान पार्टी एगो गजबे मशीन बनवलसि। 108 सीट। 70000 बूथ एजेन्ट। डिजिटल प्रचार युद्ध, विशाल रैलियन के रेला, हर विधानसभा क्षेत्र के पाट दीहल गइल।

भाजपा के बने में कई दशक लागल। टिवीके एकरा के कुछ महीने में हासिल कर लिहलसि। पानी का तरह रुपिया बहावल गइल। कुल खरचा के अनुमान – करीब डेढ़ हजार करोड़ – डेढ़ हजार करोड़ माने 15,00,00,00,000 – पता ना एकाधगो शून्य कम हो गइल कि अधिका पड़ गइल।

कहीं से कवनो भामाशाह के जिकिर नइखे। कवनो चन्दा बटोरात लउकल ना। एह धन के आवग के कवनो सूत्र नइखे लउकत।

बस विज्ञापन, कार्यकर्ता, जमीनी तंत्रजाल, हर जगहा, हर विधायक क्षेत्र में।

हँ एगो चेहरा हर जगहा सोझा आइल – हर रैली में, हर अभियान में, हर फोटो फ्रेम में।

टीवीके के महासचिव आधव अर्जुन (Aadhav Arjuna) के। पार्टी में नंबर दू।

आधव भारत के लॉटरी सम्राट सन्टिआगो मार्टिन के दामाद हउवन। उहे संटिआगो मार्टिन जे इलेक्टोरल बाण्ड्स के सबसे बड़का खरीददार रहलन। कुल 1368 करोड़ रुपिया के बाण्ड!

ईडी पीछे लागल। मनी लाण्डरिंग के आरोप लागल। संपति जब्त भइली सँ। छापा पड़ल।

बाकिर तंत्रजला पसरत गइल।

हम (एह सामग्री के मूल लेखक – Dr. Deepesh Divakar डॉ दीपेश दिवाकर) खोजबीन ला गोता लगवनी –

एगो परिवार। कई गो पार्टियन में। चौतरफा जीतत। एहसे कवनो फरक ना कि के सरकार चलावत बा। मार्टिन परिवार सभतर भेंटा जाई।

बाकिर सन्टिआगो मार्टिन महज एगो बिजनेसमैन ना हउवन। पोप बेनेडिक्ट XVI उनुका के आ उनुका परिवार के आपन आशीर्वाद दिहले रहलन। अइसन सम्मान जवन कैथोलिक समाज में बड़हन सांकेतिक महत्व वाला होला। आ एही जे एगो अउर जानकारी मिलल। मार्टिन लाइबेरिया के काउन्सिल जेनरल के काम कर चुकल बाड़न।

राजनयिक चहुँप, राजनयिक गलियारा, राजनयिक गोपनीयता सुरक्षा।

अउर पीछे चलनी त मिललन विजय के पिता – एस ए चन्द्रशेखर। सदियन से मिशनरियन के इलाका रहल थंगमचिमाडम (Thangachimadam) से। तब मिलल लोयोला। विजय के चाचाा जेवियर अलफोन्से लोयोला कालेज के संस्थापक रहलन। आ लोयोला कॉलेज हवे एगो शक्तिशाली ईसाई संस्थान। एगो अउर चा जेवियर ब्रिट्टो, विजय के शुरुआती फिलिमन के निर्माता।

जब विजय के फिल्मी करियर लांच हो गइल तब दुनिया भर में पसरल लोयोला के एलुमुनाई लाग गइलन।

धन बटोराए लागल। ईवेन्ट्स होखे लागल। नेटवर्किंग शुरु हो गइल। बाकिर ईसाई संस्थान साधारण संगठनन का तरह काम ना करेलें। ऊ सगरी महाद्वीपन मेंं, सगरी संस्थानन में, अनेके पीढ़ियन में मौजूद रहेलें।

आ तब आइल चुनाव के हप्ता।

बतावल जात बा कि कैथोलिक चर्च से पैम्फलेट जारी भइली सँ। सण्डे मास का दौरान चर्च का माध्यम से। सनेसा साफ रहल – विजय ला वोट पड़े भाजपा का खिलाफ रणनीति का तहत। आ तब सोझा आइल विजय के घोषणापत्र।

दलित ईसाई के अनुसूचित जाति में आरक्षण के वादा।

तनिका थथमीं सभे एहिजा।

काहे कि एहिजे विचार आ अर्थशास्त्र के मिलन होखेला। सरकारी नौकरी, स्कॉलरशिप, आरक्षण लाभ। आ धार्मिक आधार पर। धर्मान्तरण के खुला खेल।

दिल्ली एह बात के जानत बिया। आईबी के जानकारी बा। रॉ का नजर में बा।

सवाल बस अतने बा। बाघ से मुकाबला के करी!
काहें कि तमिलनाडु महज एगो राज्य ना हवे। हमेशा से ई ईसाई मिशनरियन के कर्मभूमि रहल बा।

आ अब त एगो शक्ति केन्द्र स्थापित हो गइल बा। बगैर जानकारी धन। चहूँदिशा पसरल लॉटरी के साम्राज्य। पीढ़ी-दर-पीढी आ शक्तिशाली ईसाई प्रभाव।

ई महज फर्श से अर्श तक के कहानी ना होके बहुते संगठित बा।

स्वाभाविक बा कि एतना पढ़ला का बाद हमहूं खोजबीन करीं। एक्स पर डॉ दीपेश दिवाकर के लिंक रउरो सभे ला दे देत बानी –

उनुका एक्सप्रेशन अकाउन्ट से अलगो खोज कइनी त जानकारी मिलल –

Based on the provided search context, there is no confirmed information regarding the specific individuals or entities that funded Joseph Vijay’s political campaign or his party, Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK).

Unverified Claims: Some online discussions on platforms like Reddit suggest unconfirmed rumors that Vijay was given a “blank cheque” to fund his party or that he sits on a “huge cash reserve,” with some users speculating about foreign or political funding (e.g., mentioning the “Soros grp” or political rivals), but these are unverified allegations and not established facts.
Asset Disclosure: Vijay’s affidavit lists significant personal assets, including cash of ₹12.6 crore, property worth ₹20 crore, and other investments, but it does not specify if these funds were used for or constitute the entirety of the campaign financing.
Official Silence: The search results do not cite any official reports, election commission filings, or credible news investigations that identify the primary funders of the TVK’s 2026 election campaign.

 

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