लेखक: Editor

नरक में सस्तई

– जयंती पांडेय एक दिन बाबा लस्टमानंद रात में सुतल रहले. अचानक ऊ सपना देखे लगले कि एगो बड़हन मॉल (नया जमाना के बजार) में दोकान देखते – देखते ऊ नरक के दुआर पर पहुंच गइल बाड़े. उनका आगे एक जना अऊरी रहे, जेकरा के बाबा...

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