गोरखपुर भोजपुरी संगम के सताइसवीं बइठकी
‘भोजपुरी में गद्य साहित्य के कमी बा आ भोजपुरी सम्पदा के सदुपयोग गद्य लेखन से ही सम्भव हो सकत बा.’ ‘कविता जब कवि के मजबूर करे लागे तबे कविता लिखल जाए के चाहीं.’ ‘भोजपुरी खाली अपनी रचनन के बल पर खड़ी...
Read More‘भोजपुरी में गद्य साहित्य के कमी बा आ भोजपुरी सम्पदा के सदुपयोग गद्य लेखन से ही सम्भव हो सकत बा.’ ‘कविता जब कवि के मजबूर करे लागे तबे कविता लिखल जाए के चाहीं.’ ‘भोजपुरी खाली अपनी रचनन के बल पर खड़ी...
Read More– हरेन्द्र कुमार पाण्डेय अबले जवन पढ़नी ओकरा आगे …) सब लोग के पहिला गिलास खतम होखे पर आइल. सबकर नजर जुगेसर के भरल गिलास पर पड़ल. एक साथे सभे बोल उठल – ‘पहिला खतम कइल जाव. फेर इच्छा होई त लेब.’ जुगेसर...
Read Moreपिछला हफ्ता बड़की पंचायत के साठ साल पूरा भइला पर इहे लागल कि साठा त अब भइल बाकिर सठियाइल जमाना से बा. अब त अधिकृत तौर पर सठिया गइल कहल जा सकेला ना त साठ साल पुरान बात पर लट्ठ ले के ना निकलल रहीत लोग. बुड़बक मरले बिराने फिकिरे....
Read MorePosted by Editor | Jun 1, 2012 | पुस्तक चर्चा |
आजुवे इमेल से मिलल लिंक से डाउनलोड कइनी नोएडा से छपल भोजपुरी पंचायत पत्रिका के पहिलका अंक. कवर समेत बावन पन्ना के एह पत्रिका में भोजपुरी में एक पन्ना दिहल गइल बा. बाकिर सब कुछ हिन्दी में, कविता, कहानी, लेख सगरी हिन्दी के. हँ एह...
Read Moreपूर्वाचल भोजपुरी महासभा के मुख्य संरक्षक अशोक श्रीवास्तव के संयोजन में गाज़ियाबाद में पहिला बेर एगो भोजपुरी कवि सम्मलेन क आयोजन भइल. कवि सम्मेलन के अध्यक्षता वरिष्ठ कवि राजकुमार सचान ”होरी” आ संचालन भोजपुरी के...
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