श्रेणी: साहित्य

बतकुच्चन – ३०

आजु दू अक्टूबर ह, गांधी बाबा आ लालबहादुर शास्त्री के जन्मदिन. दुनु सादगी से भरल. संजोग से आजु दुर्गापूजा के नवराति के छठवाँ दिन ह. एह धूमधाम, उत्साह, उछाह भरल मौका पर सोचत बानी कि काहे ना व्रत, उत्सव, तेहवार, पर्व तकले अपना के...

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बतकुच्चन २९

आजु जब बतकुच्चन करे बइठनी त मन सरोकार-सरकार-सरकँवासी से सरकत गझिन आ फाँफर पर आ के अटक गइल. सरोकार-सरकार-सरकँवासी पर पहिले बतिया चुकल बानी आ ओकरा के दोहरवला के कवनो जरुरतो नइखे. बाकिर गझिन आ फाँफर के चरचा समय का हिसाबो से फिट...

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दू गो कविता

– डा॰अशोक द्विवेदी गोहिया मार चाहे सटहा के होखे चाहे जहर बुझल बात के मार से पीठि पर उखड़ल गोहिया त लउकेला बाकि मन पर परल करिया रेघारी भा अन्तर में उखड़ल गोहिया ना लउके ना लउके दुर्दिन आ दुर्भाग में लागल गहिर ठेस. बोझा बोझा...

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ए माई !

– ओ.पी. अमृतांशु नवमी के दिने देवी लेली बलिदनवा, खस्सिया पे चले तलवार होऽऽऽ. करेले बकरिया गोहारऽ ए माई, करेले बकरिया गोहार होऽऽऽ. बड़ी रे ललसवा से दिहलीं जनमवा, चुमी-चाटी बबुआ के संझिया-बिहनवा,...

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भोजपुरी दिशा बोध के पत्रिका पाती के नयका अंक

पाती के नयका अंक बेहतरीन कागज पर बढ़िया सफाई का साथ प्रकाशित भइल बा. बाकिर कुछ तकनीकि गलती से एकर सूची वाला पन्ना के पीडीएफ पढ़ात नइखे. अह अंक में बावे नया लोकतंत्र के सपना (संपादकीय), लोकतंत्र में लोकभावना के बेमिसाल जीत (अन्ना...

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