हमार सोगहग वापसी
– भगवती प्रसाद द्विवेदी सोगहग लवटब हम तहरा लगे / तहरा में जइसे लवटेले स पखेरू डैना फड़फड़ावत चहचहात ठोर चुँगियावत अपना खोंता में जइसे लगहर गाय के थान से सटल मुँह मारत बछरू लवटेला नाँद आ खूँटा का लगे जइसे लवटेलीं स बिल में...
Read More– भगवती प्रसाद द्विवेदी सोगहग लवटब हम तहरा लगे / तहरा में जइसे लवटेले स पखेरू डैना फड़फड़ावत चहचहात ठोर चुँगियावत अपना खोंता में जइसे लगहर गाय के थान से सटल मुँह मारत बछरू लवटेला नाँद आ खूँटा का लगे जइसे लवटेलीं स बिल में...
Read Moreपिछला दिने कोलकाता में केन्द्रीय सचिवालय हिंदी परिषद नयी दिल्ली के कोलकाता ईकाई का तरफ से हरेन्द्र कुमार जी के उनकर बहुचर्चित भोजपुरी उपन्यास “सुनीता सान्याल के डायरी” खातिर स्व॰ बी॰पी॰श्रीवास्तव स्मृति पुरस्कार से...
Read More– नूरैन अंसारी अबकी बार एगो दिया तोहरा याद में जराएब. कलिख अपना मन के ओकरा रौनक से मिटाएब. कुछ ना मिलल नफरत कर के, हो गइनी अकेला. लोर भरल अंखिया से देखनी, हम दुनिया के मेला. छलकत अंखिया के गगरी के, हँसी से सजाएब. अबकी बार...
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