Category: साहित्य

जब आपन चिन्हाये लागेला

– नूरैन अंसारी जब आपन-आपन लोगवा चिन्हाये लागेला. तब स्वर्ग जइसन घरवो बटाये लागेला. जब अबर हो जाला बिश्वास के बरही, तब तिसरइत के हेंगा टंगाये लागेला. लोग भुला जाला जब नेकी के नक्सा, गुलाबो धतूर जइसन बसाये लागेला. जब घर में...

Read More

भोजपुरी कहानी पर बक्सर में संगोष्ठी

अतवार २३ जनवरी के बक्सर में आयोजित भोजपुरी संगोष्ठी के उदघाटन सत्र में बिहार के पूर्व मंत्री श्री अवधेश नारायण सिंह जी के द्वारा “भोजपुरी जन-जागरण अभियान” के चऊथा चरण के उदघाटन करल गईल. उहाँ के एह कार्यक्रम के महत्ता...

Read More

खोंच के दोहा

– मिर्जा खोंच आपन बड़ाई हर घरी, हरदम बड़का बोल तब जाके ए दुनिया में लागी तोहर मोल. रातो दिन पढ़ते रहल, बाकिर भइल ना पास भइल पैरवी तब जाके, जागल ओकर भाग. लुट के इहवाँ छुट बा, लूट सके त लूट तब जाके भगवन के, मार तनी सैलूट....

Read More

सहर भइल सुरसा

– डॉ. गोरख मस्ताना सहर भइल सुरसा निगल रहल गाँव के चिमनी चबाये लागल निमिया के छाँव के नगर नगर नेहिया के दियरी टेमाइल नफ़रत के रोग गाँव गाँव में समाइल गाँवो में भईयारी बाँच गइल नाँव के सहर भइल सुरसा निगल रहल गाँव के. गँऊआ के...

Read More

Recent Posts