Category: साहित्य

कबो टूटे ना भाईचारा

– नूरैन अंसारी मत मजहब के मापदंड बनायीं आदमी के पहचान के. ना त बहुत बड़ा अपमान होई गीता अउर कुरान के. प्रेम अउर भाईचारा त हर एक धरम के सार ह. इ जात-पात अउर उंच-नीच के बहुत बड़ा उपचार ह. अपना देश के सभ्यता-संस्कृती इहे मूल...

Read More

कहाँ जात बा संसार

– नूरैन अंसारी आजकल काहे लोगवा खुद से नाराज लागत बा. बड़ा बदलल-बदलल सबकर मिजाज लागत बा. लोग मवुरा के बिगड़ले बा मुहवा के रौनक, बुझाता हंसला पर कौनो बेयाज लागत बा. अपने घर में लोगवा काटत बा बनवास, गरज के मारल इ पूरा समाज...

Read More

डा॰ सुभाष राय के यूनीकवि सम्मान

हिंदयुग्म की ओर से डा सुभाष राय के अगस्त महीना क सर्वश्रेष्ठ कवि घोषित कइल गइल बा. हिंदयुग्म हर महीना एगो यूनीकवि प्रतियोगिता क आयोजन करेला, जवने में देश भर से प्रविष्टि मंगावल जाले. उनहन के अलग-अलग जजन के पैनल के सऊंप दिहल...

Read More

जिंदगी के ग़ज़ल

– मनोज भावुक हजारो सपना सजा के मन में चलत रहेलें मनोज भावुक गिरत रहेलें, उठत रहेलें, बढ़त रहेलें मनोज भावुक एह जिंदगी के सफर में उनका तरह-तरह के मिलल तजुर्बा ओमे से कुछ के ग़ज़ल बना के कहत रहेलें मनोज भावुक ऊ जौन भोगलें, ऊ...

Read More

गाई गाई लोरिया

– ओ.पी. अमृतांशु गाई गाई लोरिया निंदरिया बोलावेली अँगनवा में दादी चान के बोलावेली अँगनवा में. आरे आवऽ बारे आवऽ, नदिया किनारे आवऽ सोने के कटोरवा में दुध भात लेले आवऽ दूध भात मुँहवा में घुट से घुटावेली अँगनवा में दादी चान के...

Read More

Recent Posts