Category: साहित्य

आवऽ दियावा जरावऽ भोजपुरी के भईया

– ओेमप्रकाश अमृतांशु शंख नाद गरजन सुनावऽ, मिलके जोर लगावऽ आवऽ दियावा जरावऽ, भोजपुरी के भईया . ओका-बोका तिन तड़ोका, घुघुआ के हई माना तार काटो-तरकुल काटो, ढ़ेरन खेल-खजाना, चुट्टा-चुट्टी, बुढ़िया कब्ड्डी, से नेहिया लगावऽ आवऽ...

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चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह के भोजपुरी एकांकी संग्रह के विमोचन

पिछला अतवार का दिने जमशेदपुर के प्रताप कल्याण केन्द्र छोटा गोविन्दपुर के सभागार में आरा के मशहूर साहित्यकार चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह के भोजपुरी एकांकी संग्रह ‘अनुवन्ता’ आ ‘धर्मी’ के विमोचन भइल. विमोचन...

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लालच के मकड़जाल

– डॉ॰ उमेशजी ओझा सरोज एगो कम्पनी मे काम करत रहले. अपना पत्नी आ दूगो बेटा, सबीर आ शेखर, का साथे आपन चारिगो आदमी के छोट परिवार में मस्त आ हँसी खुशी से रहत रहले. बाकिर दूनो बेटा आवारा किस्म के रहले. ओह में से उनकर बड़ बेटा...

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भोजपुरीओ साहित्यकार लोग अब ‘भारतीय साहित्य निर्माता’ का पाँत में

भोजपुरी अबहीं संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल होखे खातिर संघर्ष करत बिया. जबकि भारत के साहित्य अकादमी भारतीय साहित्य निर्माता का रूप में भिखारी ठाकुर आ धरीछन मिश्र का बाद अब भोजपुरी के नामी गिरामी कवि मोती बीए पर एगो किताब...

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गजल

-आसिफ रोहतासवी अब ना बाँची जान बुझाता बाबूजी लोग भइल हैवान बुझाता बाबूजी पढ़ल लिखल हमनी के सब गुरमाटी बा उनका वेद कुरान बुझाता बाबूजी आपुस में टंसन बा फिर हमरा गाँवे खेत जरी, खरिहान बुझाता बाबूजी बबुआ तऽ अबहींए आँख तरेरऽता एक दिन...

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