Category: साहित्य

कुलछनी

– डॉ॰ उमेशजी ओझा नीलम के गोड़ धरती प ना पड़त रहे. खुशी के मारे एने से ओने उछलत कुदत चलत रही. एह घरी के सभ लइकी आ लइका के बड़ी इन्तजार रहेला. नीलमो आखिर उछल कुद काहे ना करस. उनकर बिआह जे ठीक भइल रहे. नीलम के मन में खुशी के...

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फेरू उठल भोजपुरी के संवैधानिक मान्‍यता के मांग

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित भोजपुरी समाज दिल्‍ली के एगो कार्यक्रम में काल्हु 21 अक्टूबर 2014 के समाज के अध्यक्ष अजीत दुबे के लिखल हिन्दी किताब “तलाश भोजपुरी भाषायी अस्मिता की” के विमोचन कइल गइल. एह मौका प स्वाभाविक रूप से...

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आवऽ दियावा जरावऽ भोजपुरी के भईया

– ओेमप्रकाश अमृतांशु शंख नाद गरजन सुनावऽ, मिलके जोर लगावऽ आवऽ दियावा जरावऽ, भोजपुरी के भईया . ओका-बोका तिन तड़ोका, घुघुआ के हई माना तार काटो-तरकुल काटो, ढ़ेरन खेल-खजाना, चुट्टा-चुट्टी, बुढ़िया कब्ड्डी, से नेहिया लगावऽ आवऽ...

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चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह के भोजपुरी एकांकी संग्रह के विमोचन

पिछला अतवार का दिने जमशेदपुर के प्रताप कल्याण केन्द्र छोटा गोविन्दपुर के सभागार में आरा के मशहूर साहित्यकार चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह के भोजपुरी एकांकी संग्रह ‘अनुवन्ता’ आ ‘धर्मी’ के विमोचन भइल. विमोचन...

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लालच के मकड़जाल

– डॉ॰ उमेशजी ओझा सरोज एगो कम्पनी मे काम करत रहले. अपना पत्नी आ दूगो बेटा, सबीर आ शेखर, का साथे आपन चारिगो आदमी के छोट परिवार में मस्त आ हँसी खुशी से रहत रहले. बाकिर दूनो बेटा आवारा किस्म के रहले. ओह में से उनकर बड़ बेटा...

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