Category: साहित्य

हिंदी आ अंगरेजी के छौंक वाली भोजपुरी पत्रिका हेलो भोजपुरी

भोजपुरी के नियमित रूप से प्रकाशित हो रहल पत्रिकन में खास जगहा बना लिहले बिया हेलो भोजपुरी पत्रिका. एकर जुलाई अंक मिलल त देख पढ़ के मन खुश हो गइल. पत्रिका में भोजपुरी सामग्री भरल बा त कुछ रचना हिंदी आ अंगरेजिओ में बा. सराहे जोग...

Read More

अजगर

– संतोष कुमार गाँव के गाँव लील रहल बा नीमिया के छाँव पानी के पाँव कुल्ही लील गइल अजगर. भले ओकर नाम शहर बा बाकिर ओकरा मे बड़ा जहर बा जहर बा छल कपट के, दुराव के, तनाव के विष बा धोखा के, चपलूसी के, बिखराव के उजड़ गइल गाँव गोरी...

Read More

सब पंचे के कृपा ह कि भोजपुरी एह हाल में बिया

– ओम प्रकाश सिंह आजु भोजपुरी पंचायत के जुलाई अंक पढ़े के मौका मिलल. भोजपुरी पंचायत के अंक जब आवेला तब पहिला बेर में पन्ना पलट चल जानी कि देखीं एहमें भोजपुरी ला का कुछ बा. तब दोसरा बेर पलट के ओह रचनन के देखीलें पढ़ीलें....

Read More

भोजपुरी ‘उन्नीस’ नइखे बाकिर “बीस’ के बनाई ?

– अशोक शर्मा ‘अतुल’ कवनो विषय भा प्रसंग पर जब कवनो बतकही चलेला त ओकरा समेसया पर अधिक जोर रहेला – हई ना भइल, हउ ना भइल. त फलाने जिमेवार, चिलाने कसूरवार. कहे के मतलब कि जेतना माथापच्ची समेसया बतावे पर होला...

Read More

अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन में ई का हो रहल बा ?

– गंगा प्रसाद अरुण सम्मेलन पत्रिका के कार्यवाही विशेषांक, मार्च अप्रैल 2014, मिलल. एह अंक के प्रायोजक लोग के उदारता सराहे जोग बा. बाकिर संपादकीय में ‘विचार करे लायक कुछ बात’ सचहूँ विचारे जोग बा. 1973 में...

Read More

Recent Posts