बेटा अफसर बाड़ें
– डॉ.रमाशंकर श्रीवास्तव बाबूजी के केतना हाली समझवले होखब कि रउआ हमरा के अफसर मत कहीं. बड़का तनखाह पवला से का भइल, हम त सरकारी दफ्तर के एगो कलर्को से गइल-गुजरल बानी. रउआ मन में अपना जमाना के इयाद सटल बा. अंगरेजन के समय रहे....
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