Category: साहित्य

तनी हट-हटा के ….

– प्रगत द्विवेदी बचपन से आजु ले पिताजी के भोजपुरी-भोजपुरी रटत देखत अइलीं. ऊ आजु ले ना थकलन, बाकिर हमनी का जरूर घबड़ा गइली जा. भोजपुरी के पहिचान, ओकरा प्रसार आ विकास के बात-बखान सुनत हम बलिया से आके दिल्ली रहे लगनी बाकि आजु...

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भोजपुरी-मैथिली के भाव में विभोर भइल दिल्ली…

– ओेमप्रकाश अमृतांशु कविता अइसन विद्या ह जेकर उमिर दस-बीस साल ना सैकड़ो-हजारो साल होखेेेेला. जेकरा के अनपढ़ो सुन सकेला, गुनगुना सकेला. कवि के कविता के भाव में दरद, आक्रोश, प्रेम आ ढ़ेरन अभिव्यक्ति के समावेश होखेेला. कविता में...

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बदला के आगि

– डॉ॰ उमेशजी ओझा प्रशांत एगो ट्रेवल्स एजेन्सी के मालिक रहले. शहर में आवे वाला यात्रियन के शहर के देखे वाला जगहन प घुमावे खातिर अपना एजेन्सी से छोट गाडी उपलब्ध करावल उनकर काम रहे. प्रशांत के व्यपार बहुते चल निकलल रहे....

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हिंदी आ अंगरेजी के छौंक वाली भोजपुरी पत्रिका हेलो भोजपुरी

भोजपुरी के नियमित रूप से प्रकाशित हो रहल पत्रिकन में खास जगहा बना लिहले बिया हेलो भोजपुरी पत्रिका. एकर जुलाई अंक मिलल त देख पढ़ के मन खुश हो गइल. पत्रिका में भोजपुरी सामग्री भरल बा त कुछ रचना हिंदी आ अंगरेजिओ में बा. सराहे जोग...

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अजगर

– संतोष कुमार गाँव के गाँव लील रहल बा नीमिया के छाँव पानी के पाँव कुल्ही लील गइल अजगर. भले ओकर नाम शहर बा बाकिर ओकरा मे बड़ा जहर बा जहर बा छल कपट के, दुराव के, तनाव के विष बा धोखा के, चपलूसी के, बिखराव के उजड़ गइल गाँव गोरी...

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