'जै कन्हइया लाल की'
– डा॰ रमाशंकर श्रीवास्तव भोजपुरी साहित्य में डा॰ आशारानी लाल के नाम अनजान नइखे. हाले में...
Read MorePosted by Editor | जुलाई 25, 2013 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
– डा॰ रमाशंकर श्रीवास्तव भोजपुरी साहित्य में डा॰ आशारानी लाल के नाम अनजान नइखे. हाले में...
Read More(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) अठरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़नी कि कइसे मीनू अपना भतार से झगड़ा क के लोक कवि के लगे रखैल बने चल अइली आ लोक कवि उनुका के ठाँव दिहलें बाकिर रखैल बनावे से मना कर दिहलें....
Read MorePosted by Editor | जुलाई 22, 2013 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
– डा॰ रमाशंकर श्रीवास्तव लोक-संस्कृति के कुँआ बड़ा गहिर होला. कुछ लोग ओमे झाँके तक से डेराला...
Read More– अनुप पाण्डेय आग लागो बेरहा परो अइसन विकास में गांव अबो खड़ा बा पहिलका इतिहास में भूख खा के...
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