Category: साहित्य

भोजपुरी गजल

– मनोज भावुक (१) सर से हाथ हटा के देखीं , हाथ-पैर चला के देखीं, कुछ ना कुछ रस्ता निकली,बुद्धि के दउरा के देखीं पहिले त उठ्ठीं-जागीं, फिर आलस के कंबल फेकीं मन जरूर फरहर होई, दाढ़ी बाल बनवा के देखीं दूध के धोवल केहू नइखे ,सब...

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राष्‍ट्रीय भोजपुरी कवि सम्‍मेलन में ‏ देवकांत पांडेय के कविता पाठ

(१) आजादी के जश्‍न मनउला के दिन बाटे आज गली गली झंडा फहरउला के दिन बाटे आज जे सीना पर गोली खा के आजादी ले आइल ओ बीरन के गाथा गउला के दिन बाटे आज । ­­ सत्‍तावन में गदर भइल उ घाही मन के पीर रहल जंजीर गुलामी के तोड़ला के उ पहिला...

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अस्तित्व संकट से जूझत भोजपुरी बियाह गीत के परंपरा

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल एहमें कवनो संदेह नइखे कि लोकसाहित्य में लोकगीत के जगह सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण बाटे. जनजीवन में एकरा व्यापक प्रचार के स्वीकार करत राधावल्लभ शर्मा जी मानतानी कि ई गीत भावुक आ संवेदनशील जनता के हृदय...

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भोजपुरी सिनेमा के खबर लेत भोजपुरी पंचायत के अगस्त २०१३ वाला अंक

भोजपुरी पंचायत अगस्त २०१३ के अंक पिछलके हफ्ता आ गइल रहुवे हमरा मेलबाक्स में बाकिर कुछ अउरी काम में...

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