Category: साहित्य

प्रेम के लहर

– केशव मोहन पाण्डेय जमाना बदलऽता, एकर लछन शहर से दूर गाँवो-देहात में लउकऽता. अब ठेंपों छाप लोग के बात-व्यवहार में जमाना के नवका रूप झलकेला. सुन्नर बाबा ढेर पढ़ले ना रहले, बाकीर ऊ करीकी अक्षर के भँइस ना समुझस. पतरा-पोथी के...

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बतिया पंचे के रही बाकिर खूंटवा रहिए पर रही (बतकुच्चन – ११०)

बतिया पंचे के रही बाकिर खूंटवा रहिए पर रही. आजु जब बतकुच्चन करे बइठल बानी त सामने टीवी पर अइसने कुछ बहस चलत बा. पंच त पंच महापंच के बात अनठिया देबे पर लागल बा सभे. आ हमहु एह पर बेसी कुछ ना कहब काहे कि कहल गइल बा कि जर जोरू जमीन...

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लोक कवि अब गाते नहीं – १८

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) सतरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़त रहलीं मीनू का बारे में. कि कइसे ओकरा गवनई का स्टाइल में लोग आपन आपा भुला जाव. अब ओहसे आगा पढ़ीं….. एक बेर त अजबे हो गइल. कुछ...

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भोजपुरी कवि हरि भइया के साहित्य अकादमी के भाषा पुरस्कार

मिरजापुर के शेरवाँ से वाराणसी आ के बस गइल पं॰ हरिराम द्विवेदी, जिनका के अधिका लोग हरि भइया क नाम से जानेला, के साहित्य अकादमी का ओर से भाषा पुरस्कार मिले के घोषणा भइल बा. एकरा पहिले भोजपुरी साहित्यकारन के ई पुरस्कार गोरखपुर के...

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"भोजपुरी अमन" साप्ताहिक पत्रिका के नयका अंक

साप्ताहिक बाकिर नियम से ना छप पावेला पत्रिका भोजपुरी अमन के १२ अप्रेल के अंक हमरा लगे स्कैन कर के आइल त एकर बारहो पन्ना पलट गइनी. पूरा पत्रिका भोजपुरी में बा आ सगरी ना त अधिकतर सामग्री भोजपुरी सरोकारन से जुड़ल बा. आजु जब मासिक...

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