Category: साहित्य

वाणी वन्दना

– शिवजी पाण्डेय “रसराज” हाथ जोरि करतानी बिनति तहार, मईया शारदा. सुनी लिहितू हमरी पुकार, मईया शारदा.. गरे कुंड हार शोभे, श्वेत रंग सारी, नीर क्षीर जाँचे वाला हंस बा सवारी, बीनवा बजाई के जगइतू संसार, मईया शारदा....

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भोजपुरी भाषा साहित्य के एगो नया पहिचान दिहलसि "पाती"

“भोजपुरी दिशाबोध के वैचारिक साहित्यिक पत्रिका “पाती” एगो अइसन रचनात्मक मंच ह जवन भोजपुरी भाषा साहित्य के एगो नया पहिचान दिहलसि. एकरा रचनात्मक आंदोलन से जुड़ के अनेके लेखक राष्ट्रीय स्तर पर आपन पहचान...

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केशव के दू गो गीत

– केशव मोहन पाण्डेय 1. गीत महुआ मन महँकावे, पपीहा गीत सुनावे, भौंरा रोजो आवे लागल अंगनवा में। कवन टोना कइलू अपना नयनवा से।। पुरुवा गावे लाचारी, चिहुके अमवा के बारी, बेरा बढ़-बढ़ के बोले, मन एने-ओने डोले, सिहरे सगरो सिवनवा...

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बीत गइल शिवरात्रि बाबा..

– अभयकृष्ण त्रिपाठी बीत गइल शिवरात्रि बाबा नाही अइलऽ तू, पडल रह गइल भांग धतूरा नाही खइलऽ तू | का दिल्ली का कलकत्ता का काशी का मथुरा, तोहरा आड़ में खा रहल बा हर केहू भांग धतूरा, जहर के खाके जहर उगीलत नाही देखलऽ तू, बीत गइल...

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जिए भोजपुरी ! बाकिर कइसे?

पिछला दस साल से भोजपुरी के वेबसाइट चलावत अपना अनुभव से इहे सिखले बानी कि भोजपुरी में वेबसाइट चलावल बहुते मुश्किल काम होला. सबसे पहिले भोजपुरी में वेबसाइट शुरू भइल रहे अँजोरिया. एकरा बाद बहुते वेबसाइट अइलीं स. कुछेक त बहुते मजगर...

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