भोजपुरी पंचायत पत्रिका के बहाने भोजपुरी के रोअन धोअन
भोजपुरी पंचायत पत्रिका के अप्रेल अंक प्रकाशित हो गइल बा. एह अंक में चौतरफा फाँस में फसल शीला...
Read MorePosted by Editor | Mar 30, 2013 | पुस्तक चर्चा, सरोकार |
भोजपुरी पंचायत पत्रिका के अप्रेल अंक प्रकाशित हो गइल बा. एह अंक में चौतरफा फाँस में फसल शीला...
Read More– डा॰ रामरक्षा मिश्र विमल होली, होरी भा फगुआ जवन कहीं, हटे एकही. साँच पूछीं त हम एह अवसर पर रंग खेलला आ हुड़दंगई के पक्षपाती हईं. जइसे बियाह शादी का अवसर पर मेहरारुन के गारी गावल हमरा बिल्कुल वैज्ञानिक लागेला, ओसहीं फगुआ के...
Read More– कमल जी मिश्रा अइसन फाटल खेत में लामे लाम दरार जइसे बोले मंच पे नेता दात चियार. बुढवा पीपर गाव के तब कहले घिघिआइ गदहा रसगुला भछे गलफर गइल छिलाइ. चढ़ल शनीचर माथ पे फुटहा भइल मोहाल शासन-भइसा चर गइल आजादी के माल. जरे पलानी...
Read More– ओमप्रकाश अमृतांशु कि आरे झुरू -झुरू बहेला फगुनवा , सगुनवा लेइके बा आईल. लाल -पियर शोभेल गगनवा , धरती के चुनरी रंगाईल. {1} आमवा से अमरित टपके , चह-चह चहके चिरइयाँ. महुआ सुगंध में मातल, कुकू -कुकू कुकेले कोइलिया . कि आरे...
Read More– मनोज भावुक हई ना देखs ए सखी फागुन के उत्पात । दिनवो लागे आजकल पिया-मिलन के रात ॥1॥ अमरइया के गंध आ कोयलिया के तान । दइया रे दइया बुला लेइये लीही जान ॥2॥ ठूठों में फूटे कली, अइसन आइल जोश । अब एह आलम में भला, केकरा होई होश...
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