भोजपुरी साहित्य के बड़हन थाती अँजोरिया पर
आजु ढेर दिन बाद अपना भोजपुरी अन्तरताना अँजोरिया पर आवे के मौका मिलल त कुछ खुशी मिलल. बाकिर साथही...
Read Moreआजु ढेर दिन बाद अपना भोजपुरी अन्तरताना अँजोरिया पर आवे के मौका मिलल त कुछ खुशी मिलल. बाकिर साथही...
Read MorePosted by Editor | Jul 2, 2019 | भोजपुरिया लाल, सतमेझरा |
डॉ अशोक द्विवेदी ‘कबीर कूता राम का/मुतिया मेरा नाउँ। गले राम की जेंवड़ी/जित खैंचे, तित...
Read Moreगंगा प्रसाद ‘अरुण’ जा हो निझाइल जवानी! एह भरल बसंत के भोरहरिया में इयादो आवे के रहले त...
Read Moreहिन्दुवन के कमजोरी ह कि ऊ जीव हत्या पसन्द ना करसु. इहां ले कि जे मांसभक्षी होला उहो अपना सोझा काटल...
Read Moreवइसे त गोस्वामी तुलसीदास लिख गइल बानी कि समरथ के नहीं दोष गुसाईं बाकिर जमाना बदलल त कहाउतो बदलबे...
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