टैग: अमृतांशु

भइल बा उखमवा

– ओ.पी. अमृतांशु टपऽ- टपऽ चुअता पसेनवा हायॅ राम भइल बा उखमवा ! चैन बा दलानी नाहीं बाग-फुलवारी, लेई लुकवारी धावे पछुआ बेयारि, उसिनाई गइल बा परानवा हायॅ राम भइल बा उखमवा ! पोखरा – ईनरवा के होठवा झूराई गइल,...

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ये  दुलहा

– ओ.पी .अमृतांशु पाकल मोछवा बोकावा के पोंछवा रुपवा गोबरे लिपावल ! ये  दुलहा. माथे मउरवा सजावल ! ये  दुलहा. अइलऽ गदहिया पे, नाहीं तू नहइलऽ, आखीं कजरवा ना माई से करइलऽ, उबड़-खाबड़ बाटे लिलारवा चूनवा वोही पे टिकावल...

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