सँझवत पत्रिका के नउवाँ अंक
भोजपुरी पत्रिका सँझवत के नयका अंक आ गइल बा रउरा सभे ला. सँझवत के कुछ पुरनको अंक आ पाती पत्रिका के...
Read MorePosted by Editor | दिसम्बर 4, 2025 | पुस्तक चर्चा, भाषा, साहित्य |
भोजपुरी पत्रिका सँझवत के नयका अंक आ गइल बा रउरा सभे ला. सँझवत के कुछ पुरनको अंक आ पाती पत्रिका के...
Read MorePosted by Editor | मई 24, 2025 | भाषा, शेयर-व्यापार, सरोकार |
सँझवत फेर शुरु हो गइल भोजपुरी के एगो पत्रिका सँझवत, जवना के प्रकाशन आ संपादन डॉ रामरक्षा मिश्र...
Read More– रामयश अविकल चलीं ई सबुर के बन्हल-बान्ह टूटल कमाये बदे आज घर-गाँव छूटल। मिलल मार गारी, मजूरी का बदला सरेआम अब आबरू जाय लूटल। भवन तीन-महला शहर में बा उनकर हमन के त झाँझर पलनियो ले टूटल। इहाँ दाल-रोटी चलल बाटे मुस्किल दइब...
Read More– स्व. आचार्य विश्वनाथ सिंह (ई दस्तावेजी आलेख एह खातिर दिहल जाता कि भोजपुरी लिखे-पढे़े में लोगन के सहायक-होखो) भोजपुरी भाषा में उच्च कोटि के साहित्य-रचने करे खातिर ना, ओकर सामान्य रूप से पठन-पाठन करे खातिर आ ओकरा के कलम के...
Read More– डा॰ अशोक द्विवेदी ‘लोक’ के बतिये निराली बा, आदर-निरादर, उपेक्षा-तिरस्कार सब के व्यक्त करे क ‘टोन’ आ तरीका अलगा बा. हम काल्हु अपना एगो मित्र किहाँ गइल रहलीं, उहाँ दुइये दिन पहिले उनकर माई उनका गाँव आरा (बिहार) से आइल...
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