राष्ट्रीय भोजपुरी कवि सम्मेलन में देवकांत पांडेय के कविता पाठ
(१) आजादी के जश्न मनउला के दिन बाटे आज गली गली झंडा फहरउला के दिन बाटे आज जे सीना पर गोली खा के आजादी ले आइल ओ बीरन के गाथा गउला के दिन बाटे आज । सत्तावन में गदर भइल उ घाही मन के पीर रहल जंजीर गुलामी के तोड़ला के उ पहिला...
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