का हमनी का एह तंत्र के लोकतंत्र कह सकीलें ?
– पाण्डेय हरिराम सरकार आ जनता के रिश्ता पर बात करे के होखे त बहुते दिक्कत बुझाला. अब परे साल रामलीला मैदान में अधरतिया भइल पुलिस कार्रवाईए के बात लीं. एह पर पिछला बियफे का दिने कोर्ट फैसला सुनवलसि. ई फैसला ओह सबले बड़ सवाल...
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