महीना: जनवरी 2013

"लहू के दो रंग" बजवलसि कामयाबी के डंका

पिछला साल 2012 में हालांकि अनेके भोजपुरी फिलिमन के दर्शक पसंद कइलें बाकिर “लहू के दो रंग” के जादू ओह लोग का माथे चढ़ के बोलल. फिलिम साल के 2012 ब्लॉकबस्टर साबित भइल. एह कामयाबी के मायने तब अउर खास हो जाई जब जानब कि ई...

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धर्मेन्द्र से भिड़िहन संजय पांडे

सिनेमा भोजपुरी के अव्वल खलनायक संजय पांडे पहिला बेर हिन्दी सिनेमा के ‘ही मैन’ चर्चित अभिनेता धर्मेन्द्र संगे निर्माता निर्देशक विमल कुमार के पहिला भोजपुरी फिलिम ‘देश परदेश’ में नज़र अइहें. एह फिलिम में संजय पांडे मुख्य खलनायक आ...

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’कयामत से कयामत तक’ करे से रानी चटर्जी मना कर दिहले रही – सलीम

अमीना मूवी क्रिएशन के बैनर तले बनल भोजपुरी फिलिम ’कयामत से कयामत तक’ के प्रचार प्रसार जोर शोर से चलत बा. नवही पीढ़ी पर बनावल एह संगीतप्रधान रोमांटिक फिलिम के गाना बिहार आ यू पी के शहरन में अपना लोकप्रियता के झंडा गाड़ दिहले बाड़ी...

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बतकुच्चन ‍ – ९३

पिछला पख बलात्कार का नामे रहल. जेनिए देखी तेनिए लोग बलात्कार का खिलाफ धरना प्रदर्शन में लागल रहुवे. सोचनी कि काहे ना हमहू एही पर कुछ बतकुच्चन कर ली. फेर पता ना कब मौका मिले ना मिले. आन समय में बलात्कार के चरचा फूहड़ मानल जा सकत...

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बधाई बाधा

– जयंती पांडेय नया साल गइले एकहू हफ्ता ना गुजरल अबहीं ले. बाबा लस्टमानंद कहले कि जान जा रामचेला जबसे होस परेला तबसे हम एह दिन के मार बधाई दे दे के गजा जानी. रामचेला टोकले बाबा अइसन बात मत बोलऽ कि आझु काल के भोजपुरी बोले...

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