– टीम अंजोरिया
#पश्चिम-बंगाल #विधानसभा-चुनाव-2026 #तृणमूल #भाजपा #ममता #मोदी
ममता के रहते मुमकिन नइखे
impossible-as-long-as-mamta-is-there

भाजपा समर्थक हमेशा दावा ठोकत रहेलें कि मोदी है तो मुमकिन है! बाकिर भुला जालें कि ठीक एकरा उलुटा पश्चिम बंगाल में कहल जाला कि ममता के रहते मुमकिन नइखे!
आ अगिला महीना होखे जा रहल पाँच गो राज्यन के विधानसभा चुनावन में शामिल पश्चिम बंगाल पर एकरे मुकाबला होखे जा रहल बा। देखे जोग रही कि मोदी है तो मुमकिन है सही साबित होखत बा कि ममता का रहते मुमकिन नइखे में से कवन बात सटीक साबित होखी।
ममता बनर्जी सड़क के लड़ाई सड़क पर लड़े वाला गिनल चुनल नेतवन में शामिल हई। ना त अधिकतर नेता के त मालूम नइखे कि सड़क के लड़ाई लड़ल कइसे जाला। आ ममता के चेला-चाटी उनुका खातिर अपना जान के बाजी लगावे ला आ ममता विरोधियन के जान लेबे ला हमेशा तइयार रहेलें. पिछला विधानसभा चुनाव जवन साल 2021 में भइल रहल तवना के उदाहरण सभका सोझा बा आ मोदी सरकार जनता के मन से ऊ बात भुलवा देबे के कवन कोशिशे नइखे करत। सबकुछ चुनाव आयोग आ सुप्रीम कोर्ट के भरोसे छोड़ के माला जप रहल बिया।
“I used to admire the RSS, but after the assassination of Gandhi ji, I stopped admiring them”
CM Mamata Banerjee who was born in 1955😂😂😂😂 pic.twitter.com/7gPyZuW1x5
— Facts (@BefittingFacts) March 16, 2026
मानत बानी कि अबकि के मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण ( SIR ) का बाद मतदाता सूचियन से ओह नामन के बहुते हद ले हटा दिहल गइल बा जे या त मर चुकल बाड़न या दोसरा जगहा चल गइल बाड़न बाकिर उनुकर नाम मतदाता सूची में शामिल रह जाला। ममता बँवारा गिरोह के हरा के पश्चिम बंगाल के सत्ता पर काबिज भइल बाड़ी बाकिर ऊ बँवारा गिरोहन के गली छाप दादन के अपना अँचरा में समेट लिहले बाड़ी। आ एह दादा छाप मवालियन के पूरा कोशिश रहेला कि ओकरा इलाका में केहू ममता के खिलाफ वोट ना दे पावे। चुनावन में भाजपा के मिले वाला वोटन में बेसी ऊ वोट शामिल रहेले जवन ‘चुपचाप फूल छाप’ के नीति पर चलेलें। उनुका बारे में केहू के पता ना रहे कि ऊ भाजपा के वोट देबे वाला हउवन भा हउवी। जेकर इरादा पहिले से मालूम हो जाला ओकरा के त चुनाव का दिने घर से बाहरो निकले पर रोक लगा दिहल जाला एह मवालियन का जरिए। भाजपा आ दोसर तृणमूल विरोधियहन के पोलिंग एजेन्टन के घरे चुनाव से पहिलहीं उज्जर साड़ी आ करिया चूड़ी चहुँपा दिहल जाला। अगर ऊ एजेन्ट भेंटा गइल त सीधे धिरा दिहल जाला कि बेटा पोलिंग एजेन्ट बने के बा त बन जा बाकिर खबरदार तनिको चूं-चपड़ कइलऽ त घरे ना लवट पइब। एगो गोली बेकारे जियान करा देबऽ!
पहिले जब बँवारा गिरोह के सरकार होखल करे तब ई सब कुछ बहुते लोकतांत्रिक तरीका से कइल जात रहुवे बाकिर ममता का जमाना में ममता के कवनो गुंजाइश ना छोड़ल जाव। पहिले त दस पन्द्रह गो लोग शुरुआते में लाइन में लाग जाई। ओकरा बाद जे आपन वोटर आई ओकरा के लाइन में घुसा लिहल जाव आ बाकी लोग ओही तरह लाइन में बरकरार रहि जाव। पीछे खड़ा लोगन के मौके ना मिलल करे कि बूथ का भितरी जा पावसु। बाद में जब ईवीएम के जमाना आइल तब भीड़ छँटतही भा कम होखते आगे खड़ा लोग फर्जी मतदाता का नाम पर बटन दबावल शुरु कर देव। प्रेसाइडिंग आफिसर सब कुछ देखतो चुपी लगवले रहल करे काहें कि जब विपक्षी एजेन्टे मूड़ी गोतले बइठल बा त ऊ बेचारा आपन गरदन काहे फँसावे!
पिछला बेर के विधानसभा चुनाव में तृणमूल के शानदार सफलता मिलल रहुवे आ ओकरा बाद जवन ताण्डव शुरु भइल तवना के देखि केे शायदे केहू दोबारा भाजपा के नाम लेबे के हिमाकत करो। एही डर का चलते अबकी के चुनाव सर्वेक्षणो में सही बात सामने नइखे आवे वाला काहें कि केहू खँखार के बोले के हिम्मत ना राखे कि बता देव कि ऊ भाजपा के वोट देबे जा रहल बा भा जा रहल बाड़ी। आ सर्वेक्षण जब तृणमूल के बढ़त देखावल करी त सगरी धाँधली तोपा जाए वाला बा। पिछला विधानसभा चुनाव का बाद अगर केन्द्र सरकार का बल पर भाजपा के नेता अपना समर्थक के बचावे ला सामने आइल रहतें त अबकी के चुनाव के परिणामे अलग होखे वाला रहुवे। बाकिर सगरी अधिकारियन के बदल दिहला का बादो आम मतदाता में भरोसा नइखे बन पावत कि ऊ भाजपा के समर्थन मे खुल के सामने आ पावे। आ चुनाव कार्य में लागल सगरी सरकारी अधिकारियन के मालूम बा कि चुनाव होखते फेर सबकुछ एही क्रूरता का आगा मूड़ी गोते वाला बा।
BJP leader Suvendu Adhikari started his campaigning today in Bhawanipore Constituency. He is contesting against TMC Supremo Mamta Banerjee.
Adhikari Said confident that BJP will win pic.twitter.com/nLUK4nqUdZ
— Syeda Shabana (@JournoShabana) March 19, 2026
अगर भाजपा सचहूं जीतल चाहत बिया त ओकरा राज्य में राष्ट्रपति शासन लगावहीं के पड़ी। चुनाव का पहिले संभव ना होखो त अतने एलान कर देव कि चुनाव के आखिरी वोट पड़ते राज्य मेंं राष्ट्रपति शासन लगा दिहल जाई आ वोट गिना गइला का बाद कुछ दिन के अन्तराल दे के जेही जीतो ओकरा के सरकार बनावे दे दिहल जाई। अतनो से आम मतदाता आ चुनाव कार्य में लागल सरकारी कर्मचारियन के हिम्मत हो जाई कि ऊ निष्पक्ष भाव से चुनाव करवा देसु आ निडर भाव से आपन वोट डाल देव।
इहो कहल जाला कि मोदी सरकार के अगिला कदम का बारे में केहू अनुमान ना लगा पावे। का पता मोदी सरकार के योजना में का बा? चुनाव के एलान त हो गइल बा बाकिर मतदाता सूचियन के अन्तिम रूप जारी नइखे हो पावल। का इहो हो सकेला कि आखिरी समय में मतदाता सूची के काम अधूरा रह जाए का बहाने अदालत का निर्देश पर चुनाव टार दिहल जाए वाला बा। एह हालत में बिना कुछ कइले धइले ममता सरकार के इस्तीफा दे देबे के पड़ी आ मोदी सरकार के नैतिकतो बरकरार रहि जाई।
बाकिर अइसन हो पाई का ? इन्तजार कइल जाव।


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