कबीर : लोकज भाषा के सिद्ध सन्त
डॉ अशोक द्विवेदी ‘कबीर कूता राम का/मुतिया मेरा नाउँ। गले राम की जेंवड़ी/जित खैंचे, तित...
Read MorePosted by Editor | जुलाई 2, 2019 | भोजपुरिया लाल, सतमेझरा |
डॉ अशोक द्विवेदी ‘कबीर कूता राम का/मुतिया मेरा नाउँ। गले राम की जेंवड़ी/जित खैंचे, तित...
Read Moreपिछला धरना के फाइल फोटो भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता आ एकरा के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल...
Read Moreनेपाल भोजपुरी समाज, वीरगंज के आयोजन में महान संत तुलसीदास जी के जीवन प्रसंग पर लिखल आपन मशहूर...
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Read Moreजे भोजपुरी में, भोजपुरी खातिर, बिना लोभ-लालच आ मान-प्रतिष्ठा के परवाह कइले बरिसन से चुपचाप रचनात्मक काम कर रहल बा आ कइले जा रहल बा, ओके नजरअन्दाज कइ के, एक-दूसरा के टँगरी खींचे वाला ई कथित भोजपुरी-हित चिंतक मठाधीशे लोग बा। हमरा त चिंता होला कि भोजपुरी के कबो अगर मान्यता मिल गइल आ ओकरा नाँव पर पढ़े-पढ़ावे भा पुरस्कार-सम्मान के इन्तजाम होइयो गइल त ओकरा बाद के स्थिति केतना बिद्रूप आ भयंकर होई? तब त एक दोसरा क कपार फोरे में ना हाथ लउकी, ना ढेला।
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