Category: साहित्य

चोख कमाई

– ‍ नीमन सिंह पईसा कमा लेला सभे बाकिर नाम ना कमाला केहू, वइसे त कुकुरो पेट पाल लेला, बाकिर मरला पर ओकरा के पूछे ना केहू. तू तियाग कमा …… भूखे रह के दोसरा के पेट पाल, कर द नेछावर आपन सर्वस्व एह देस पर. धन्य हो...

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लोक कवि अब गाते नहीं – आखिरी कड़ी

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) बीसवाँ कड़ी में भोजपुरी के दुर्दशा पर लोक कवि के दुख पढ़ले रहीं अब पढ़ीं एह उपन्यास के आखिरी कड़ी ….. अबहीं ठीक से भोर भइलो ना रहल कि लोककवि के फोन के घंटी...

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एगो अनूदित कविता – "फतिंगा"

– संतोष कुमार अक्कितम अच्युतन नम्बूदिरी के मलयालम रचना (पुल्ककोदि) “फतिंगा” के अंगरेजी अनुवाद के भोजपुरी उल्था : आगि में कूदि के मरे खातिर भा आगिये खाए के लालसा में आगि भीरी जुटान कइ के दउडल जा रहल बाड़ें छोटहन...

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