नाता रिश्ता
– संतोष कुमार कलजुग के करिखा में कुल्ही करिया गइल बा जात-पात के बीच खेत अरिया धरिया गइल बा...
Read More– संतोष कुमार कलजुग के करिखा में कुल्ही करिया गइल बा जात-पात के बीच खेत अरिया धरिया गइल बा...
Read More– संतोष कुमार अक्कितम अच्युतन नम्बूदिरी के मलयालम रचना (पुल्ककोदि) “फतिंगा” के अंगरेजी अनुवाद के भोजपुरी उल्था : आगि में कूदि के मरे खातिर भा आगिये खाए के लालसा में आगि भीरी जुटान कइ के दउडल जा रहल बाड़ें छोटहन...
Read MorePosted by Editor | Sep 2, 2013 | कहानी, पुस्तक चर्चा, साहित्य |
– ओमप्रकाश अमृतांशु कला-साहित्य कवनो भाषा में होखे ओकर महत्व सबसे उपर होखेला. साहित्य समाज...
Read More– मनोज भावुक जिनगी भूलभुलइया हम हेरा जातानी. गलती उनकर बाटे हम घेरा जातानी. उ सरवा निर्लज्ज ह हम डेरा जातानी. ताकत होइहें पत्नी हम डेरा जातानी. हम कोल्हू के गन्ना हम पेरा जातानी. क्रोघ अम्ल हs ‘भावुक’ हम सेरा...
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