नयका साल
– डॉ. कमल किशोर सिंह एक साल अउर सरक गइल, कुछ छाप आपन छोडि के. भण्डार भरि के कुछ लोगन के , बहुतन के कमर तोड़ि के. प्रकोप परलय के दिखा दुनिया के कुछ झकझोरि के. आईं बिदाई करीं एकर, दसो नोहवा जोड़ी के, आ स्वागत करीं नव वर्ष के...
Read More– भगवती प्रसाद द्विवेदी सोगहग लवटब हम तहरा लगे / तहरा में जइसे लवटेले स पखेरू डैना फड़फड़ावत चहचहात ठोर चुँगियावत अपना खोंता में जइसे लगहर गाय के थान से सटल मुँह मारत बछरू लवटेला नाँद आ खूँटा का लगे जइसे लवटेलीं स बिल में...
Read More– नूरैन अंसारी अबकी बार एगो दिया तोहरा याद में जराएब. कलिख अपना मन के ओकरा रौनक से मिटाएब. कुछ ना मिलल नफरत कर के, हो गइनी अकेला. लोर भरल अंखिया से देखनी, हम दुनिया के मेला. छलकत अंखिया के गगरी के, हँसी से सजाएब. अबकी बार...
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