टैग: प्रभाकर पाण्डेय

मुद्दा छींटा गइल – बटोरीं ना त देर हो जाई

– प्रभाकर पाण्डेय चुनाव आ गइल बा. आ का गइल बा, सुरुओ हो गइल बा. कुछ जगहन पर जनता के भागि ओटहिया मसीन में बंद हो गइल बा. चुनाव क पहिले नेता, देस अउर जनता, सबका सोझा बहुते सारा मुद्दा रहे. ए मुद्दन में देस, समाज का सोझा...

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गोल बनाईं…असली मुद्दन से भटकाईं जिन

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” आजकल लोग पर एगो नया भूत सवार हो गइल बा. जे जहें बा उ उहें बिना सही-गलत के बिचार कइले गोलियावल सुरु क देता, अउर एतने ना, लोग गोलियाइलो सुरु हो जाता. कबो-कबो त लोग बिना बात के बात में बात...

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सुकुलजी..रउआँ बहुते बेजोड़ बानी जी

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” आजु हमरा सुकुलजी के बहुते इयादि आवता. जब हमरा खूब हँसे के मन करेला त हम सुकुलजी के इयादि क लेनी. सुकुलजी के एइसन-ओइसन मति समझीं सभे. सुकुलजी त बहुते काम के चीज हईं. सुकुलजी त ओमे के हईं की...

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पेंचर पहुना

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” कल्हिए रमेसर काका एगो टाली के परची दे गइल रहुअन. ऊँखी छिलवावे के रहुए ए से आजु सबेरवें ऊँखी छिलवावे खातिर पूरा गाँव की लोग के चला के हमहुँ ऊँखियारी में चलि गउँवीं. रउआँ सभें त जानते बानी की...

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हो रहल बा भारत निरमान

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” हो रहल बा भारत निरमान, गा रहल बा सब केहू गुनगान, 100 में हो गइने 99 बेइमान, तब्बो आपन देस बहुत महान. हो रहल बा भारत निरमान. महँगाई के राज हो गइल बा, अधिकन के त भागि खुलि गइल बा, सूना हो गइल...

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