परमात्मा के पत्नी
(लघुकथा ) परमात्मा के पत्नी ओह लइका दस – एगारह बरिस के रहल होई. माथ के मटिआइल – जटिआइल...
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Read More– विनोद द्विवेदी सड़क का किनारे बान्हल बकरन के झुण्ड में कुछ बकरा बीमार आ उदास लागत रहलन स. एगो बकरा दूइए दिन पहिले खरीद के आइल रहे. उपास खड़ा दोसरा बकरा का तरफ देख के जइसे कहल चाहत रहे कि ना जाने कवना घड़ी में हमार जनम...
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