केहू लवटा दे हमर बीतल अतीत
संजोगो रहे, सौभाग्यो रहे. मंच अइसन जहाँ पुरनका साथियन से ले के गुरुजी लोग तक, सभे मौजूद रहे. सभका दिमाग में घुरियात रहे बचपन के इयाद. एक दोसरा में गडमड तस्वीरन का साथ. कुछ शरारत, कुछ सजाय. कुछ खट्टा त कुछ मीठ. मौका रहे बनारस के...
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