श्रेणी: सतमेझरा

अपना देश के राजनीति में अब थूकवाद

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद सुर्ती फाँक के रामचेला के कहले, जान जा ए बबुआ, आजकाल्हु अपना देस के राजनीति में कई गो नया तरह के वाद चल गइल बा. जइसे आजादी के जमाना में गाँधीवाद चलल रहे आ नेहरू-शास्त्री के जमाना में लोहियावाद...

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सोचतानी तोहरा ला एगो पुरस्कार के जोगाड़ करीं.

भउजी हो! का बबुआ? सोचतानी तोहरा ला एगो पुरस्कार के जोगाड़ करीं. कइसन पुरस्कार? इनामो मिली का ? पुरस्कार के नाम होखी “महान भउजी सम्मान” बाकिर अबहीं कवनो संस्था से सउदा नइखे बन पावत. आ इनाम त खैर का मिली हँ पइसा कम से...

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चिठी लिखल केहु सही कइल केहू …

– जयंती पांडेय सबेरे सबेरे राम चेला बतवले कि ठठपाल पांड़े के दुअरा पर मार लोग बिटोराइल बा आ पंचइती हो रहल बा. बाबा तुहूं चलऽ. बात का बा? लस्टमानंद सवचले. रामभरोसे बतवले कि ठठपाल के बेटिया भकजोगनी के केहु लभ लेटर लिखले बा...

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भउजी हो! आदमी कवना बात से अधिका खुश होला?

भउजी हो! का बबुआ? आदमी कवना बात से अधिका खुश होला? दोसरा के दुख से. ठीक कहलू. आ पोसुआ मीडिया के छाती कब फुलेला? जब केहू मोदी के शिकायत करो भा कुछ मोदी का उलटा होखो. अरे वाह भउजी! तू त आजु कमाल करत बाड़ू. आ कवन बात ह जवन सेकूलर...

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सावधान, कुकुरन में आदमी के गुण आवऽता

– जयंती पांडेय लस्टमानंद से उनकर एगो संहतिया गोपाल जी भेंटइले. लगले कहे, भाई हो, पहिले घर के दरवाजा पर लिखल रहत रहे ‘अतिथि देवो भव:’ लेकिन आज काल्हु घर के गेट पर लिखल रहऽता ‘ कुत्तों से सावधान.’ गोपाल जी ठीके कहले. जान...

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