श्रेणी: सतमेझरा

प्रियंका के नाम सुन के भड़कत कांग्रेसिया

भउजी हो! का बबुआ? ई कांग्रेसिया प्रियंका के नाम सुन के अतना भड़कत काहे बाड़े सँ? भड़के वाली बात बा से भड़कत बाड़े स. बुझनी ना. बूझब कइसे? रउरे सभ के आग लगावल ह. कांग्रेसिया सब बूझत बाड़े. अच्छा मान ल कि प्रियंका राजनिति के मैदान में...

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भउजी हो! शौचालय पहिले कि देवालय?

भउजी हो! का बबुआ? शौचालय पहिले कि देवालय? का बाति बा? पेट खराब हो गइल बा का? ना भउजी. राजनीति में एह घरी एही पर बहस चलत बा त सोचनी काहे ना तहरा से पूछीं कि कवन पहिले? ए बबुआ, हम त इहे जनले बानी कि दिशा मैदान, शौच कर्म पूरा कइला...

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अखबार के मोकबिला इंटरनेट से

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद गाँव से कोलकाता अइले. इहाँ उनुका एक जाना प्रोफेसर भेंटइले. जइसन नाँव वइसन सुभाव. नांव किरपा जी आ सुभावो एकदम किरपालु. बाबा से बतियावत में उनका से दोस्ती हो गइल. पता चलल कि ऊ प्रोफेसर साहेब...

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मवेशी डाक्टर के साँसत

– जयंती पांडेय एक हाली मास्टर काली सिंह इस्कुल से लवटत रहले. उनका कवनो बात के बतंगड़ बना के कुछ ना कुछ करत रहे के आदत ह. हठात ब्लॉक के सामने मवेशी डाक्टर साहेब के दवाखाना में ढूकि गइले. रामचेला आ बाबा लस्टमानंद अपना कवनो...

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अब छपरा में घूमी अमेरिका के गोइना

– जयंती पांडेय हमरा बिहार के मुख्यमंत्री जी जबसे भाजपा के संगत छोड़ले तबसे रोज कवनो ना कवनो बवाल में फंसल जातारें. अबहीं मोदी के ममिला सुलझल ना रहे कि तड़ दे मिड डे मील के कांड हो गइल. बेचारू के ना में दम आ गइल बा. ई सूचना...

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