श्रेणी: सतमेझरा

ई खुलासा काहे ‘खुलल अइसन’ बा ?

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद रामचेला से कहले, अहो भाई. आजु काल्हु एगो बात रोज टी वी पर सुनऽ तानी. ऊ हऽ कि फलनवा के खुलासा हो गइल. ई जे खुलासा शब्द बा ऊ बड़ा डेंजरस होला. हिंदी में एकर माने होला ‘खुलल अइसन’. अब खुलल अइसन आ...

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एफ डी आई से नीयत सुधर जाई का हो

– जयंती पांडेय बाबा लसटमा नंद कहले , भाई रामचेला, जान जा कि लक्ष्मी मैया के सवारी तऽ उल्लू हऽ आ रुपिया पइसा के सवारी जरूर भईंसा होई. रामचेला पूछले, कईसे बाबा? काहे कि भईंसा करिया आ बरियार होले सन. जेने जाले सन ओने भीड़ छंट...

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सब कुछ ठीक बा

– जयंती पांडेय राम चेला बड़ा चिंता में बाबा लस्टमानंद के लगे अइले आ थहरा के बइठ गइले. बाबा पूछले कि उनका कवना बात के चिंता बा कि उनकर चेहरा उड़ल बा. राम चेला कहले, का कहीं बाबा कांग्रेस त पहिलहीं घोटाला में डूबल रहे अब...

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डाक विभाग के नांव बदलल जाउ

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद कलकत्ता अइले. उहां उनकर नाती नोकरी करत रहे. ओकरा बगल में एगो आदमी रहे , बेचारा मजदूर. अपने ओर के. ओकर बाप बाबा के परिचित. बड़ा चिंता में रहे. सुनलस कि बाबा आइल बाड़े त भेंट करे चलि आइल. ओकरा...

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रैली के सवर चलल बा

– जयंती पांडेय रोज रैली, प्रदर्शन, नारेबाजी से एकदम रीगल रामचेला कहले – बाबा आजुकाल ई नेतवन के का हो गईल बा कि रोज प्रदर्शन रोज बवाल. जेकरा देखऽ उहे झंडा टंगले चिचियात घूमऽता. बाबा लस्टमानंद मुस्किया के कहले,...

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