Category: सतमेझरा

पत्नी आ धर्म पत्नी

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद अक्सर अपना मेहरारू के केहु से परिचय करइहें त कहिहें कि ई हमार पत्नी हईं. रामचेला एकदिन पूछ बइठले – हो बाबा! तू , भउजी के धरमपत्नी काहे ना कहेलऽ? सब लोग त अपना मेहरारू के धर्मपत्नी कहेला....

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माफी मांगे के लफंगई

– जयंती पांडेय सीताराम बनिया मुंहअन्हारे बाबा लस्टमानंद के दुअरा आ पहुंचले. बाबा ओह समय बैलन के सानी-पानी करे के तइयारी में रहले. हाथ में छईंटी रहे. सीताराम बनिया के देख के छईंटी धऽ के खड़ा हो गइले. सीताराम नीयरा आ के...

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विश्वस्तरीय ट्रेन सफर के माजा खतम हो जाई

– जयंती पांडेय रेलगाड़ी आ रेलवे टीसनन के वर्ल्ड क्लास बनावे के चरचा जोर पर बा. मोदी जी दनादन विदेश जा रहल बाड़े आ उहां से फटाफट विचार ले के चल आव तारे. जब बाबा लस्टमानंद ई बात सुनले कि रेलवे टीसनन के हवाई अड्डा अइसन बनावल...

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कालाधन बैंक में लुकाइल बा त कवन आश्चर्य

– जयंती पांडेय किताबन में, मय अखबारन में पढ़ले बानी कि संसद के एक दिन के कार्रवाई में कई लाख रुपया खर्चा होला. लेकिन बाबा तूं बतावऽ कि कालाधन आउर कई गो मामूली बात खातिर सांसद लोग संसद के कार्यवाही ना चले देला, आ कामकाज ठप...

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बेइज्जत करे खातिर इज्जत भइल

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद देश के राजनीति ले के बड़ा हरान बाड़े. जब देखऽ तब कवनो ना कवनो बात ले के चर्चा करत रहेले. बाबा रामचेला के बोला के कहले कि, जान जा रामचेला आजुकाल बड़ा कठिन स्थिति बा. अब दू दिन पहिले के बात ह कि...

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