हाथ के संगे लेकिन हाथ भर फरका
– जयंती पांडेय सब केह हाथ के संगे बा बाकिर हाथ भर फरका. शरद पवार भईया खिसियाइल बाड़े. उनका के देखि के बुझाला ना कि खिसियइबो करेले. हमशा खुशे लऊकेलें. लेकिन खिसिया गईल बाड़े. ऊ त अईसन जीव हउअन कि यूपीए के आठ बरिस में कबहुओं...
Read More

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..