टैग: भउजी हो

सोचतानी तोहरा ला एगो पुरस्कार के जोगाड़ करीं.

भउजी हो! का बबुआ? सोचतानी तोहरा ला एगो पुरस्कार के जोगाड़ करीं. कइसन पुरस्कार? इनामो मिली का ? पुरस्कार के नाम होखी “महान भउजी सम्मान” बाकिर अबहीं कवनो संस्था से सउदा नइखे बन पावत. आ इनाम त खैर का मिली हँ पइसा कम से...

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भउजी हो! आदमी कवना बात से अधिका खुश होला?

भउजी हो! का बबुआ? आदमी कवना बात से अधिका खुश होला? दोसरा के दुख से. ठीक कहलू. आ पोसुआ मीडिया के छाती कब फुलेला? जब केहू मोदी के शिकायत करो भा कुछ मोदी का उलटा होखो. अरे वाह भउजी! तू त आजु कमाल करत बाड़ू. आ कवन बात ह जवन सेकूलर...

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एगो कुकुर आ अतना कुकुरबझाँव (भउजी हो)

भउजी हो! का बबुआ? आजु एगो नेता के बयान के एगो टुकड़ा पर देश भर के कुकुर एकजुट हो के कुकुरबझाँव करे में लाग गइल बाड़ें. काहे बबुआ ? कुकुरन के वोट देबे के अधिकार मिल गइल बा का? ना भउजी. बात कुकुरन के बोट के नइखे, कुकुर के बच्चा के...

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आधा अल्पसंख्यकन के मुकदमा कवना कोर्ट में सुनल जाई?

भउजी हो! का बबुआ? अबकी त लागत बा कि होली के हत्या हो गइल. काहे बबुआ? देखतानी कि फगुआ के दू चार गो दिन रहि गइल बा बाकिर कतहूँ केहू का देंहि पर रंग नइखे लउकत. हो सकेला कि लोग महाराष्ट्र का सूखा का चलते एह साल होली पर रंग ना खेलत...

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जोरु के भाई आ ममहर के बात

भउजी हो! का बबुआ ? ओह पट्टी के लोग बहुते परेशानी में पड़ गइल बा. काहे बबुआ? एक त अपना जीजा से परेशान रहबे कइल लोग तबले ममहरो से बवाल चहुँप गइल. केहू का मुँह से बकार नइखे फूटत. काहे फूटी ? ओह लोग के त खुश होखे के चाहीं कि सगरी...

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