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हजार का नोट पर छाप दिहल गाँधी

– शैलेश मिश्र हम अन्ना ना भारत सरकार के समर्थक हईं करोड़ो का आबादी में बेबस बेकार हईं जनम से आजुले भठियरपन के संरक्षक हईं. जनम लिहनी त नर्स मँगलसि चार आना डाक्टर बर्थ सर्टिफिकेट ला लिहले फेर चार आना. स्कूल में नाम लिखाई में...

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बजलऽ ए शंख बाकिर बाबाजी के पदा के !

आखिर ऊ होइये गइल जवना के होखे के उमेद ना रहल. चउहत्तर साल के एगो बूढ़ अपना जिद्द से सरकार के झुका दिहलसि. सरकार अन्ना से निपटे में हर ऊ गलती कइलसि जवन कवनो मदान्ध सत्ता के मद में कर सकेला. पहिले त सोचलसि कि एह बूढ़ से का होई. बड़...

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भई गति साँप छूछून्दर के री, उगिलत आन्हर निगलत कोढ़ी

भारत सरकार के हालत अतना बेचारा वाला कबहू ना भइल रहे, तबहियो ना जब कुछ आतंकवादी एयरइण्डिया के जहाज अपहृत कर के कान्धार ले के चल गइल रहले सँ. तब जनता के दबाव में जहाज में सवार लोग के छोड़ावे खातिर सरकार के ऊ काम करे के पड़ल रहे जवना...

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तख्त बदल त ताज बदल द, शासन के अंदाज बदलि द

– पाण्डेय हरिराम कई बेर बेसी बक-बक करे वाला लोफर किस्म के नेतवो अनजानही में सही बात बोल जाले. जइसे कि पिछला दिने अण्णा हजारे के मखौल उड़ावत कांग्रेस के ‘बयान पुरूष’ दिग्विजय सिंह कह दिहले कि अनशन करत-करत अण्णा...

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