बजलऽ ऐ शंख बाकिर नायडूजी के पदा केे
एगो पुरान कविता केे पंक्ति हवेे कि – दुश्मनी ऐसी करो कि जब कभी हम दोस्त बन जाऐ तो शर्मिन्दा...
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Read Moreउत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग बस्ती में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाराजा जालिम सिंह के किला...
Read Moreलागत ब कि मउराइल लोग फेरु मउराइल हो गइल बा. जान में जान आ गइल बा. कहल जात बा कि दहाड़त शेर प काबू पा लिहले बाड़े जंगल के सियार लोमड़ी आ मूस. बस अब तनिका जोर लगावे के बा आ शेर के बाहर क दिहल जाई. आ हम सोचत बानी कि एह गठजोड़ के का...
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