नयका साल Posted by Editor | जनवरी 3, 2015 | कविता, साहित्य | – डॉ. कमल किशोर सिंह एक साल अउर सरक गइल, कुछ छाप आपन छोडि के. भण्डार भरि के कुछ लोगन के, बहुतो के कमर के तोड़ी के. प्रकोप परलय के दिखा दुनिया के कुछ झकझोरी के. आईं बिदाई करीं एकर, दसो नोहवा जोड़ी के, आ स्वागत करीं नव वर्ष... Read More
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