सुभाष पाण्डेय ‘संगीत’ के तीन गो गीत

(एक) बेंड़ल बजर किंवाड़, यार अइले, चलि गइले ! ना सुनि परल पुकार, यार अइले, चलि गइले ! सूरज-चन्दा कऽ...

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