बतिया पंचे के रही बाकिर खूंटवा रहिए पर रही – बतंगड़-84
गाँव के एगो रंगदार आपन भईंसिया सड़के पर बान्हत रहुवे. आवे जाए वाला लोग ओकरा से परेशान रहलन. आखिर...
Read Moreगाँव के एगो रंगदार आपन भईंसिया सड़के पर बान्हत रहुवे. आवे जाए वाला लोग ओकरा से परेशान रहलन. आखिर...
Read Moreडायरी – डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल आज का पीढ़ी में भोजपुरी खातिर अनुराग देखिके...
Read More– ओ. पी. सिंह पिछला हप्ता आपन बतंगड़ अधवे पर छोड़ले रहीं कि अगिला बेर एकरा के पूरा करब....
Read More– ओ. पी. सिंह हर बेर जब बतंगड़ लिखे बइठिलें त मन में कवनो ना कवनो खाका बन चुकल रहेला आ बाति...
Read More– ओ. पी. सिंह लोकतन्त्र, डेमोक्रेसी, में लोक-लाज ना रहि जाव त ओकरा दैत्यतन्त्र, डेमॉनक्रेसी,...
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