श्रेणी: सतमेझरा

विश्वस्तरीय ट्रेन सफर के माजा खतम हो जाई

– जयंती पांडेय रेलगाड़ी आ रेलवे टीसनन के वर्ल्ड क्लास बनावे के चरचा जोर पर बा. मोदी जी दनादन विदेश जा रहल बाड़े आ उहां से फटाफट विचार ले के चल आव तारे. जब बाबा लस्टमानंद ई बात सुनले कि रेलवे टीसनन के हवाई अड्डा अइसन बनावल...

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कालाधन बैंक में लुकाइल बा त कवन आश्चर्य

– जयंती पांडेय किताबन में, मय अखबारन में पढ़ले बानी कि संसद के एक दिन के कार्रवाई में कई लाख रुपया खर्चा होला. लेकिन बाबा तूं बतावऽ कि कालाधन आउर कई गो मामूली बात खातिर सांसद लोग संसद के कार्यवाही ना चले देला, आ कामकाज ठप...

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बेइज्जत करे खातिर इज्जत भइल

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद देश के राजनीति ले के बड़ा हरान बाड़े. जब देखऽ तब कवनो ना कवनो बात ले के चर्चा करत रहेले. बाबा रामचेला के बोला के कहले कि, जान जा रामचेला आजुकाल बड़ा कठिन स्थिति बा. अब दू दिन पहिले के बात ह कि...

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मोदी आ मंहगी के एके राशि बा

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद सबेरहीं से उदास बइठल रहले. रामचेला खेत कियोर से घूम घाम के अइले आ जब बाबा के दंडवत कऽ के उनकर मुंह देखले तऽ चिहुक उठले. अरे हरदम हंसे वाला बाबा उदास बइठल बाड़े. रामचेला कहले, ‘का हो बाबा...

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डेंगू से मिलल बकरी के इज्जत

– जयंती पांडेय दू दिन पहिले पत्रकार अजीत दूबे जी भेंटइले. बड़ा सज्जन आदमी. कहले, जानऽ जा बाबा लस्टमानंद कि पपीता के पतई के रस पियला से डेंगू जइसन बेमारी भाग जाला. बाबा अचरज में पड़ले. तले संगे खड़ा रामचेला कहले, अजीत बाबा...

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