करमगति
(लोककथा) शिव जी का सङे पार्वती जी आकासी राहे कहीं चलल जात रही कि उनकर नजर नीचे एगो गरीब परिवार पर...
Read More– डा० अमरेन्द्र मिश्र शेखर के गांजा के इ पहिलका दम रहे। अवरू सब साथी गांजा के दम पचावे आ जोम...
Read More(भोजपुरी कहानी) – सुधीर श्रीवास्तव ‘नीरज’ राति अबहिन दुइयो घरी नाहीं बीतल होई बाकिर बरखा आ अन्हरिया क मारे अधराति के लखां सन्नाटा पसरि गइल रहे चारू ओर. अषाढ के बादर पूरा दल बल के साथे आ के डटि गईल रहे… आ...
Read More– रामदेव शुक्ल ‘अकाट गरीबी में जाँगर फटकत जनम बिता देबू कि तनिएसा मन बदलि के अमीर हो जइबू? सोचि समुझि ल, अपने मालिक से बतिया लऽ, हमके बिहने बता दीहऽ।’ कहि के मौसी चलि गइली। कुसुम लगली अपने मन में बाति के मथे। मौसी कहतियॉ...
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