Category: कहानी

आजु पहिली तारीख हऽ

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” रातिभर दुनु परानी सुति ना पउवींजा. करवट बदलत अउर एन्ने-ओन्ने के बाति करत कब बिहान हो गउए, पते ना चलुवे. सबेरे उठते मलिकाइन चाय बना के ले अउवी अउर कहुवी की जल्दी से तइयार होके आफिस चलि जाईं....

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भूत बा कहाँ

– डा॰ सुभाष राय जाड़ा जब हाड़ ठिठुरावे लागेला त सगरो गाँवन में कउड़ा के बहार आ जाले. दुवारे से थोरिक लम्मे घर भर क कूड़ा जोरि के रखि दिहल जाला अउर सूखल रहेट्ठा तोरि के ओकरे उप्पर डारि दिहल जाला. फेरू ओके बारि के पास-पड़ोस...

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