मुफ्तखोरी आ हरामखोरी – बतकुच्चन 235
मुफ्तखोरी आ हरामखोरी : बतकुच्चन सेतिहा के सेनूर, भर लिलार। कहाउत पुरान ह, बाकिर आदमी के स्वभाव...
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Read Moreअंजोरिया कि अँजोरिआ : तेइस बरीस बाद एगो सवाल भोजपुरी के मानक वर्तनी तइयार करत घरी अपने गलती सोझा...
Read Moreशब्द-संपदा आ वर्तनी के संबंध कवनो भाषा के समृद्धि के चर्चा होला त सबसे पहिले ओकर शब्द-संपदा के बात...
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